डायबिटीज में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं? Diabetes Mein Kya Khayein Aur Kya Nahi Khayein?

Diabetic Diet plan

डायबिटिक मरीजों के लिए संतुलित आहार – Diabetics Ke Liye Balanced Diet

डायबिटीज के मरीजों को अपने आहार पर खास ध्यान देने की ज़रूरत होती है, क्योंकि उनके द्वारा किया गया भोजन ग्लूकोज मॉलिक्यूल में बदल जाता है और उनके शरीर में हाई ब्लड शुगर के स्तर को अनुपयोगी बना सकता है। ऐसी स्थिति में उनके लिए एक संतुलित आहार ज़रूरी है, जिससे पर्याप्त पोषक तत्व प्राप्त किया जा सके और उनके ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ने से रोका जा सके। फलों, सब्जियों और स्वस्थ प्रोटीन से भरपूर संतुलित भोजन का डायबिटीज के मरीजों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। एक संतुलित भोजन उन्हें अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे उनकी भविष्य की जटिलताओं को रोकने में भी मदद मिल सकता है।

आपके लिए उपलब्ध भोजन विकल्पों के अनुसार आहार विशेषज्ञ (डायटिशियन) या पोषण विशेषज्ञ (न्यूट्रीशियनिस्ट) की मदद से आहार योजना बनाई जा सकती है। ऐसा इसलिए करना ज़रूरी है, क्योंकि आप कुछ खाद्य उत्पादों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन कुछ खाद्य उत्पाद ऐसे हैं, जिन्हें खाने से आपको परहेज करना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थों का एक संतुलित हिस्सा और स्वस्थ विकल्प बनाने से आपको डायबिटीज से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। शुगर, स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन आपकी ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाता है। अगर आप ऐसे भोजन को संतुलित मात्रा में लेते हैं, तो आप हाई ब्लड शुगर (हाइपरग्लेसेमिया) की समस्या से बच सकते हैं और बिना किसी चिंता के आसानी से इनका सेवन कर सकते हैं।

इस तरह के भोजन की खपत का स्तर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग हो सकता है, जो उनकी जीवनशैली के प्रकार और सक्रिय गतिविधि पर निर्भर करता है। डायबिटिक लोगों के लिए संतुलित भोजन की कुंजी फलों और सब्जियों को शामिल करना है, जबकि उन्हें लीन प्रोटीन खाने, कम चीनी वाला भोजन करने और ट्रांस फैट वाले भोजन से बचने या परहेज की ज़रूरत है।

Balanced diet for diabetics

डायबिटीज वाले मरीज के लिए भोजन – Diabetic Ke Liye Food

डायबिटीज के मरीज निम्नलिखित भोजन का सेवन कर सकते हैंः

  • हरी पत्तेदार सब्जी

हरी पत्तेदार सब्जियों में कई तरह के ज़रूरी विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करते हैं और शरीर को प्रोटीन और फाइबर प्रदान करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होती है, क्योंकि इनमें उच्च एंटीऑक्सीडेंट सामग्री और स्टार्च को पचाने वाले एंजाइम भी मौजूद होते हैं। डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर कुछ हरी सब्जियों के सेवन की सलाह देते हैं, जिनमें पत्ता गोभी, केल, पालक, ब्रोकली और बोक चोय शामिल हैं। इन सब्जियों को अक्सर सलाद, साइड डिश, सूप और डिनर के तौर पर लिया जाता है। इसके साथ ही आप प्रोटीन स्रोत जोड़ने के लिए उन्हें लीन मीट और टोफू के साथ भी मिला सकते हैं।

  • साबुत अनाज

रिफाइंड सफेद अनाज के मुकाबले इसमें ज़्यादा फाइबर होता है। भोजन में फाइबर की मौजूदगी पाचन क्रिया को धीमा कर देती, जिससे रक्त में पोषक तत्वों का अवशोषण भी धीमा हो जाता है और इस पूरी प्रक्रिया के कारण ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है। आप कुछ साबुत अनाज का सेवन कर सकते हैं, जिनमें ब्राउन राइस, होल ग्रेन ब्रेड, पास्ता, एक प्रकार का अनाज, क्विनोआ, बाजरा, बुलगुर और राई शामिल हैं। सफेद अनाज की रोटी और पास्ता से साबुत अनाज खाद्य उत्पादों में स्विच करने से डायबिटिक लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

  • फैटी मछली

मछली में ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है, जो किसी भी आहार के लिए बहुत ही सेहतमंद है। यह स्वस्थ फैटी एसिड शरीर के उचित कार्य को बनाए रखने में मदद करने के साथ ही हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देते हैं। अनसैचुरेटेड फैटी एसिड की उपस्थिति डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर लेवल के नियंत्रण में सुधार कर सकती है। डायबिटीज वाले लोग सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन, अल्बाकोर टूना, हेरिंग और ट्राउट मछलियों का सेवन कर सकते हैं। ऐसी मछलियों के लिए पौधे आधारित विकल्प केल्प, समुद्री शैवाल और स्पिरुलिना हैं। मछली से यह पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए उन्हें बेक, भुनने या ग्रिल करने की ज़रूरत होती है। डायबिटिक व्यक्ति को तली हुई मछली खाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इनमें सैचुरेटेड और ट्रांस फैट मौजूद होते हैं। भोजन को स्वस्थ बनाने के लिए आप मछली के साथ हरी पत्तेदार सब्जियां भी मिला सकते हैं।

  • फलियां

डायबिटीज के मरीज बीन्स यानी फलियों का सेवन कर सकते हैं क्योंकि यह प्लांट-बेस प्रोटीन के स्रोत हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करते हैं और शरीर में ब्लड शुगर लेवल का अच्छा नियंत्रण रखने के लिए जाने जाते हैं। बीन्स में जटिल कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, इसलिए शरीर को उन्हें पचाने और रक्त में अवशोषित करने में समय लगता है। बीन्स ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के साथ-साथ वजन घटाने में भी मदद करती है। डायबिटीज के मरीज किडनी बीन्स, इंट बीन्स, ब्लैक बीन्स, नेवी बीन्स और एडज़ुकी बीन्स सहित कुछ बीन्स का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि बीन्स आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। बीन्स को अन्य खाद्य पदार्थों जैसे टॉर्टिला रैप्स या सलाद के साथ शामिल किया जा सकता है। अगर आप डिब्बाबंद बीन्स का इस्तेमाल करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा खरीदी गई डिब्बाबंद बीन्स नमक रहित है। इसके अलावा आप इसका पानी निकाल सकते हैं और फालतू नमक को हटाने के लिए बीन्स को अच्छी तरह से धो सकते हैं।

  • अखरोट

अखरोट में मौजूद स्वस्थ फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। डायबिटीज वाले लोगों में दिल की बीमारियां होने का ज़्यादा खतरा होता है, लेकिन अखरोट का सेवन उन्हें ऐसे खतरों से दूर रख सकता है। ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने वाला अखरोट प्रोटीन, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम और आयरन जैसे प्रमुख पोषक तत्व प्रदान करता है। आप अखरोट का सीधे सेवन कर सकते हैं या सलाद में इसका सेवन कर सकते हैं।

  • खट्टे फल

इन फलों को डायबिटीज विरोधी प्रभाव (एंटी-डायबिटीक इफेक्ट) माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट न होकर कई तरह के विटामिन और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो इसे डायबिटिक व्यक्ति के आहार में शामिल करने के लिए एक बेहतर विकल्प बनाते हैं। हेस्परिडिन और नारिंगिन दो एंटीऑक्सिडेंट हैं, जो खट्टे फलों में मौजूद होते हैं और इनमें डायबिटीज विरोधी प्रभाव होते हैं। संतरा, अंगूर और नींबू जैसे कुछ खट्टे फलों को आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। खट्टे फल विटामिन सी, फोलेट और पोटेशियम से भरपूर होने के लिए जाने जाते हैं।

  • जामुन

जामुन का सेवन ऑक्सीडेटिव तनाव की रोकथाम में मदद कर सकता है, जो दिल की बीमारियों और कुछ कैंसर की स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़ा हुआ है। ऑक्सीडेटिव तनाव तब होता है, जब शरीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अस्थिर मॉलिक्यूल्स या फ्री रेडिकल्स जैसे पोषक तत्वों का असंतुलन होता है। डायबिटीज वाले लोगों में अक्सर क्रोनिक ऑक्सीडेटिव तनाव देखा जाता है। ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी जैसे जामुन में हाई लेवल के एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर होते हैं। इसके साथ ही जामुन विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज और पोटेशियम जैसे अन्य पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं। जामुन को आप सीधे खा सकते हैं या फ्रोजेन और स्मूदी में इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • शकरकंद

इन्हें सफेद आलू के लिए एक बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि यह चीनी को बहुत धीरे-धीरे छोड़ते हैं और न ही ब्लड शुगर के लेवल को ज्यादा बढ़ने देते हैं। शकरकंद फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, पोटेशियम का भी स्रोत है। आप शकरकंद का सेवन हरी पत्तेदार सब्जियों या सलाद के साथ कर सकते हैं या इसे बेक, उबाल, भुन और मैश करके भी खा सकते हैं।

  • प्रोबायोटिक दही

प्रोबायोटिक्स आंत के स्वास्थ्य और पाचन को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करते हैं और डायबिटीज के कारण होने वाली दिल की बीमारियों के जोखिम को भी कम करते हैं। साथ ही यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करने में मदद करते हैं और इन्सुलिन सेंसिटिविटी को भी बढ़ाते हैं। दही में कोई अतिरिक्त चीनी नहीं होती है और इसीलिए इसे डायबिटीज वाले मरीजों के लिए अच्छा माना जाता है। स्वस्थ नाश्ते के विकल्प के लिए आप दही को जामुन या सलाद में मिला सकते हैं।

  • शिया सीड्स

यह बीज एंटीऑक्सिडेंट और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो उन्हें पौधे आधारित प्रोटीन और फाइबर का एक अच्छा स्रोत बनाते हैं। टाइप 2 डायबिटीज वाले लोग अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इनका सेवन कर सकते हैं, क्योंकि यह वजन घटाने में भी मदद कर सकते हैं। डायबिटिक लोग शिया सीड्स का सेवन रात के खाने में या फिर नाश्ते और सलाद पर छिड़क कर कर सकते हैं।

  • एवोकाडो

यह अनसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो ब्लड में शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह डायबिटीज के मरीजों की इंसुलिन संवेदनशीलता में भी सुधार करते हैं। इनसे डायबिटीज जैसे मैटाबॉलिज़्म सिंड्रोम होने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। एवोकाडो का इस्तेमाल डायबिटीज वाले मरीजों के लिए मिठाइयों में किया जा सकता है।

  • लहसुन

यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने की क्षमता भी रखता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की उपस्थिति का अभाव होता है और इसे ड्रेसिंग के तौर पर अल-अलग तरह के भोजन में शामिल किया जा सकता है।

Garlic

डायबिटीज में नहीं खाने वाले भोजन – Diabetes Mein Nahi Khane Wale Food

कई प्रकार के खाद्य पदार्थ आपके ब्लड शुगर के लेवल को आसानी से बढ़ा सकते हैं और आपके स्वास्थ्य में जटिलताएं पैदा कर सकते हैंः

  • प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ

ऐसे ही खाद्य पदार्थ में शामिल है प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ। प्रसंस्कृत चीनी वाले खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व कम होते हैं और उनमें कार्बोहाइड्रेट की कम मात्रा में मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। यह खाद्य पदार्थों वजन की समस्या पैदा करने की बड़ी वजह माने जाते हैं। यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है, जिसके कारण शरीर में इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन ज़्यादा मात्रा में होता है। डायबिटीज के लोगों को भी पैक्ड प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। इन पैक खाद्य पदार्थों में ज़्यादा मात्रा में सोडियम और ट्रांस फैट होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। यह ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में बढ़ोतरी का कारण बनते हैं, जो दिल की बीमारियों की वजह बन सकते हैं। इनमें संतृप्त फैटी एसिड भी होते हैं, जो टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए नुकसानदायक होते हैं। प्रसंस्कृत मीठे खाद्य पदार्थ खाने के बजाय फल और जामुन जैसे स्वस्थ विकल्पों को चुनना ज़्यादा बेहतर है।

Processed foods

  • फलों का रस

डायबिटिक मरीजों को फलों का रस पीने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि फलों में मौजूद शुगर की ज़्यादा मात्रा ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने की वजह बनती है। अगर आप एक ताज़ा पेय पीना चाहते हैं, तो जीरो-कैलोरी या प्राकृतिक स्वाद वाले पेय चुनें जिनमें लाइम या नींबू हो। इसके अलावा खीरा और पुदीने वाला पानी पीना भी एक बेहतर विकल्प है। यह अनहेल्दी स्नैकिंग के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। सूखे फल (डीहाइड्रेटेड फ्रूट) स्नैक्स आसानी से ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ा सकते हैं। साबुत फल फाइबर से भरपूर होते हैं और सूखे मेवों के अच्छे विकल्प होते हैं, क्योंकि वह ब्लड शुगर के लेवल को धीमा और कम करते हैं।

  • डेयरी उत्पाद

संतृप्त डेयरी उत्पाद ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकते हैं, जिससे हृदय रोग के विकास का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा संतृप्त फैटी एसिड की खपत इंसुलिन प्रतिरोध को भी खराब कर सकती है। ऐसे में डायबिटीज की स्थिति वाले लोगों को पूर्ण वसा वाले डेयरी उत्पादों से बचने की ज़रूरत है। साथ ही उन्हें कम वसा वाले या वसा रहित डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • तली हुई चीजें

स्वादिष्ट तले हुए खाद्य पदार्थ और स्नैक्स आपकी लालसा को संतुष्ट कर सकते हैं, लेकिन यह आपके शरीर में बढ़े हुए ब्लड शुगर के लेवल का एक स्रोत हैं। जब डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो उनके ब्लड शुगर लेवल में वृद्धि होती है। यह लेवल लंबे समय तक हाई बना रह सकता है, क्योंकि फैट को पचने में समय लगता है। खाद्य पदार्थों को डीप-फ्राई करने के बजाय आप खाद्य उत्पादों को एयर फ्राई या बेक करने का विकल्प चुन सकते हैं, ताकि उनमें तेल की कम मात्रा जाए।

Avoid Food in Diabetic Diet

  • शराब

रेड वाइन और बीयर जैसे कई तरह के अल्कोहल पीने से भी ब्लड शुगर का लेवल बढ़ सकता है। इसलिए आपको यह सुनिश्चित करने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करना ज़रूरी है कि वह आपके पीने के लिए सुरक्षित हैं या नहीं। डायबिटीज के मरीज जो कुछ दवाओं की प्रिस्क्रिप्शन के तहत हैं, उन्हें भी शराब से बचने की जरूरत है क्योंकि उनका लीवर दवा और शराब से प्रभावित हो सकता है। इसके आलावा फ्लेवर्ड कॉफी भी डायबिटिक व्यक्ति के लिए हानिकारक होती है, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेड की मात्रा ज़्यादा होती है। ऐसे में आपको फ्लेवर्ड कॉफी पीने के बजाय एस्प्रेसो या प्लेन कॉफी चुननी चाहिए।

  • चीनी या मिठास वाली चीजें

मेपल सिरप और शहद जैसी प्राकृतिक शुगर भी व्यक्ति के ब्लड शुगर लेवल में वृद्धि का कारण बनती है। हालांकि, इसमें सीधे तौर पर शुगर का सेवन नहीं किया जाता है, लेकिन ऐसी प्राकृतिक मिठास में भी शुगर मौजूद होती है। यह डायबिटीज वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है और इसीलिए उन्हें ऐसे सभी मिठास वाली चीजों से बचना जरूरी है।

  • कार्ब से भरपूर भोजन

सफेद ब्रेड, पास्ता और चावल में कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा होती है, जबकि फाइबर कम मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर में कार्बोहाइड्रेट के टूटने पर ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने की वजह बनता है। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज दोनों तरह के लोगों को इनसे परहेज करना चाहिए, क्योंकि कम मात्रा में टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में मस्तिष्क के काम करने की क्षमता कम हो सकती है।

उचित आहार – Proper Diet

अगर आप अपने आहार विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित उचित आहार योजना का पालन करते हैं, तो भोजन के ज़रिए आसानी से शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य एक दिन में खाई जाने वाली कार्बोहाइड्रेट की संख्या को कम करना है। आपके मोबाइल पर उपलब्ध कई एप्लिकेशन कार्बोहाइड्रेट और शुगर के सेवन पर नज़र रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। उचित आहार बनाए रखने के अलावा एक्सरसाइज़ करना, वजन कम करना और सक्रिय जीवनशैली जीना ज़रूरी है, क्योंकि एक सक्रिय जीवनशैली और स्वस्थ आहार के इस्तेमाल से आपको लंबे समय के लिए फायदे मिलेगा और आपका ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रण में रहेगा।

मंत्रा केयर – Mantra Care

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